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गर्मी के मौसम में धूप ,गर्मी का तेज और गर्म हवा मनुष्य के शरीर पर बुरा प्रभाव डालती है जिसके कारण शरीर का तापमान सामान्य से अधिक बढ़ जाता है तेज बुखार सिर दर्द हाथ पैरों में दर्द तथा प्यास की समस्या पैदा हो जाती है

कभी-कभी बेहोशी तक हो जाती है तेज बुखार के कारण शरीर में तरल पदार्थों की कमी होकर अत्यंत व्यास तथा घबराहट की समस्या पैदा हो जाती है जिसके कारण गुर्दे भी प्रभावित हो सकते हैं

ऐसी समस्याओं के लिए निम्नलिखित औषधियों का प्रयोग लाभकारी है।

[SUN STROKE]

शर्बत  अनार शीरी

प्यास को घटाता है दिल को ठंडक पहुंचाता है खूनी दस्तों को रोकता है दिल व जिगर को शक्ति प्रदान करताहै।

सेवन विधि

20 से 50 मि ली तक पानी में मिलाकर पिएं

शर्बत संदल

गर्मी  के कारण पैदा होने वाले सिरदर्द में उपयोगी है उच्च कोटि की शक्तिवर्धक ,दिल को ताकत देने वाली औषधि है।

सेवन विधि

25 से 50 मिली तक पानी में मिलाकर पिए।

शर्बत केवड़ा 

दिल को शक्ति तथा प्यार को शांत करना है दिल व दिमाग को ठंडक पहुंचाता है

सेवन विधि 

25 मिली से 50 मिली तक पानी में मिलाकर पिएं।

शर्बत गुड़हल 

दिल को ताकत देता है प्यास को शांत करता है घबराहट तथा धड़कन को दूर करता है।

सेवन विधि

25 से 50 मिली तक पानी में मिलाकर पिएं।

शरबत नीलोफर-

लू लगने और प्यार की अधिकता में उपयोगी है दिल को ठंडक पहुंचाता है पित्त शामक है।

सेवन विधि 

25 से 50 मिली तक पानी में मिलाकर ले।

 

सिर दर्द चक्कर व आधीसीसी का दर्द का कारण जानिए क्या है -Headache,Migraine

 

जानिए मिर्गी रोग के बारे में Know About Epilepsy [Epilepsy ]

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इस रोग मैं दौरा पड़ने पर मरीज बेहोश हो जाता है हाथ पांव ऐठ जाते हैं तथा कभी-कभी जबान भी दांतों के बीच में आकर कट जाती है मुंह से झाग आने लगता है मस्तिक तथा स्नायु तंतुओं में गाढ़े  पदार्थों के जमा हो जाने के कारण रुकावट पैदा हो जाती है मस्तिष्क के किसी भी भाग में चोट लग जाने से रक्त स्राव हो जाता है और मिर्गी का कारण बन जाता है ब्रेन ट्यूमर के कारण भी मिर्गी हो सकती है।

मिर्गी अनेकों प्रकार की होती हैं बच्चों में या बीमारी सिर पर चोट आ जाने, आंतों में मल की रुकावट होने के कारण तेज बुखार ,काली खांसी खसरा और अन्य दिमागी विकारों के कारण से तथा उन बच्चों में जो मां के दूध के स्थान पर बाजार के दूध पर पलते हैं अधिक होती है

इस रोग  में निम्नलिखित औषधियों का सेवन उपयोगी है।

[Epilepsy ]

हब्बे सरा 

मिर्गी के लिए अत्यंत उपयोगी औषधि है मिर्गी के दोरो  की अधिकता को कम करके असल बीमारी को दूर करती है।

सेवन विधि

एक से दो गोली सुबह श्याम खमीरा गांवजबान अंम्बरी ऊद सलीब वाला 5 ग्राम के साथ तथा बच्चों को आधी गोली इसी प्रकार प्रयोग करें

खमीरा गावजबान अम्बरी जदवार ऊदसलीव वाला 

मिर्गी के दौरे फाजिल लकवा कम्पवात[Parkinson’s Disease] और गर्भाशय शोध में उपयोगी है।

सेवन विधि

सुबह 5 ग्राम ताजे पानी के साथ पिए।

माजून जबीब– मिर्गी की बीमारी में उपयोगी है।

सेवन विधि

सुबह 5 ग्राम पुरे पानी के साथ खाएं।

माजून तल्ख 

मिर्गी फाजिल लकवा व कम्पवात [Parkinson’s Disease] में  उपयोगी है कब्ज दूर करता है गुर्दा [Urinary bladder] की पथरी को बारीक़ कणों  में परिवर्तित करके विसर्जन कर देता है कमर के दर्द और आमाशय तथा जिगर के दर्द को दूर करता है।

सेवन विधि

3 ग्राम से 5 ग्राम सुबह या रात सोते समय पानी से ले।

*चिकित्सक के परामर्श के बिना उपरोक्त औषधियों का सेवन ना करें।

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