कारण- कुपोषण तथा भोजन में आवश्यक विटामिन व खनिज लवणों की कमी, शराब का अत्यधिक सेवन ,प्रमेह ,गुर्दों का खराब होना सखियां तथा जस्ते के योगो का उपयोग इत्यादि टी बी के उपचार में एलोपैथिक औषधियो के उपयोग से उत्पन्न जहरीले प्रभाव का स्नायु संस्थान पर घातक प्रभाव पड़ता है। जिसके परिणाम स्वरुप स्नायु तंत्र की संवेदनशीलता कम हो जाती है सरसाम की दशा में भी ऐसा देखा जाता है ऐसी अवस्था में निम्नलिखित दवाई का सेवन अत्यंत लाभदायक है|

ये भी पढ़े:-अर्क-उन-निसां “गृधसि”[Sciatica]

 

माजून खादर- यह माजून शरीर या शरीर के किसी भाग के सुन्न हो जाने की बीमारी में लाभदायक है।

सेवन विधि- 5 ग्राम माजून सुबह ताजा पानी में सिखाए|

नोट–इसके अलावा हब्बे सरा ,खमीरा गावजबान अंबरी जद्ववार ऊद सलीबवाला भी प्रयोग किया जा सकता है रोगन जैतून किशन की सुन्न भाग पर धीरे-धीरे मालिश की जा सकती है|

*चिकित्सक के परामर्श के बिना उपरोक्त औषधियों का सेवन ना करें।

ये भी पढ़े:-फालिज, लकवा और राशा बीमारी [Paralysis,Facial paralysis & Chorea]

ये भी पढ़े:-सिर दर्द चक्कर व आधीसीसी का दर्द का कारण जानिए क्या है -Headache,Migraine

1Shares
http://health.ktnewslive.com/wp-content/uploads/2018/03/shutterstock-body-kthealth.jpghttp://health.ktnewslive.com/wp-content/uploads/2018/03/shutterstock-body-kthealth-150x150.jpgAdminBrain & NervesNeuritisकारण- कुपोषण तथा भोजन में आवश्यक विटामिन व खनिज लवणों की कमी, शराब का अत्यधिक सेवन ,प्रमेह ,गुर्दों का खराब होना सखियां तथा जस्ते के योगो का उपयोग इत्यादि टी बी के उपचार में एलोपैथिक औषधियो के उपयोग से उत्पन्न जहरीले प्रभाव का स्नायु संस्थान पर घातक प्रभाव पड़ता...ktnl