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नजर की कमजोरी व मोतियाबिंद[Eye’s weakness and Glaucoma]

कारण – दिमागी मेहनत की अधिकता, तेज रोशनी वाली वस्तुओं की निकट से देखने तथा सेक्स की  अधिकता तथा मस्तिक व स्नायु  की कमजोरी से भी नजर जल्दी कमजोर हो जाती है Glaucoma के बारे में कहा जाता है कि आंखों में नजले का पानी उतरने से Glaucoma की बीमारी हो जाती है परंतु डॉक्टरी की नजर  से जैसे-जैसे आयु बढ़ती  है, बाल सफेद होने लगते हैं और दूसरे परिवर्तन भी दिखाई देने लगते हैं ठीक इसी तरह आंखों में पाए जाने वाले द्रव  जो कि एकदम पारदर्शी होते हैं वे  धुंधले हो जाते हैं जिसके कारण साफ दिखाई नहीं देता इसी  को Glaucoma कहा जाता है नेत्र रोगों में निम्नलिखित औषधियों का उपयोग लाभदायक है।

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इतरीफल किशनीजी- पुराना नजला और नजले वाले द्रव  से पैदा होने वाली बीमारियों में इसका प्रयोग अत्यंत लाभदायक है साथ ही  यह  औषधि कब्ज भी दूर करती है तथा दिमाग को शक्ति प्रदान करती है।

सेवन विधि- 5 से 10 ग्राम तक सोते समय हल्के गुनगुने पानी के साथ खाएं | 

खमीरा आबरेशम सादा- आंखों की रोशनी को स्थिर रखता है दिल और दिमाग को शक्ति प्रदान करने के साथ ही घबराहट मे भी लाभदायक है।

सेवन विधि-सुबह निहार मुंह 5 ग्राम ताजे पानी के साथ खाएं

कोहल-ए-बयाज खासGlaucoma में लाभदायक है तथा धुंध जाला और फूले के रोगो  की दशाओ  में भी लाभदायक है।

प्रयोग विधि – सुबह व रात सोते समय सलाई से आंखों में लगाएं।

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कोहल-उल-जवाहर- बहुमूल्य अवयवों से निर्मित यह सुरमा  उपयोग करने से नजर की रोशनी स्थिर रहती   है तथा विभिन्न प्रकार के नेत्र रोगों से भी राहत मिलती है।

प्रयोग विधि- सुबह-शाम सलाई से आंखों में लगाएं।

कोहल-चिकनी-दवा- मोतियाबिंद के आरंभिक दिनों में लाभदायक है धुंधलापन व जाले को दूर करती है।

प्रयोग विधि- सरसों के दाने के बराबर औषधि चम्मच में लेकर एक बूंद पानी में घोले  और 3 से 5 दिन तक केवल एक बार आंख में लगाएं जब यह औषधि रहने लगे (क्योंकि यह औषधि आंखों में लगती है) तो 5 दिन बाद से सुबह व शाम आंखों में लगाएं।

कोहल मुक्कवी बसर- नजर को शक्ति प्रदान करता है।

प्रयोग विधि- सुबह व शाम सलाई से आंखों में लगाएं।

नूरानी सुर्मा – इस सुर्मे के निरंतर प्रयोग से आंखें स्वस्थ रहती हैं हर उम्र के लोगों में बराबर लाभप्रद है।

प्रयोग विधि- रात को खाते समय 2-2 सलाई आंखों में लगाएं।

 

*चिकित्सक के परामर्श के बिना उपरोक्त औषधियों का सेवन ना करें।

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