दिल की कमजोरी, घबराहट व धड़कन[Weakness of the heart & Palpitation]

हृदय की मांसपेशियां कमजोर होने के कारण तथा रक्त संचार की गति धीमी होने से हृदय कमजोर हो जाता है इस कारण हृदय कमजोर और उसकी गति सुस्त और अनियमित हो जाती है हृदय की रक्त नलिकाएं विशेष धमनियों की विभिन्न शाखाओं में खून का दौरा सही ना होने के कारण ह्रदय की मांसपेशियां ठीक से कार्य नहीं कर पाती। रोगी के हृदय की गति धीमी ,व कमजोर और सीने में बाई और भारीपन और कभी दर्द का अनुभव होता है इसका कारण मानसिक आघात, फिक्र, परेशानी ,अधिक मैथुन तथा उत्तेजित करने वाली वस्तुओं का उपयोग होना होता है ऐसी अवस्था में लिखे औषधियों का उपयोग अत्यंत  लाभदायक है।

जवारिश शाही- दिलो दिमाग को ताकत को ताजगी देती है।

सेवन विधि- 5 ग्राम से 10 ग्राम तक सुबह निहार मुंह ताजे पानी के साथ लें।

जवाहर Mohra-  हृदय को शक्ति देता है शारीरिक गर्मी को बढ़ाता है बेहोशी जीवन के अंतिम क्षणो मे इसका उपयोग चमत्कारी प्रभाव दिखाता है

सेवन विधि-  एक गोली दवा उल मिस्क मोत दिल जवाहर वाली या शुद्ध शहद में मिलाकर खाएं।

हब्बे जवाहर-  दिल व मस्तिष्क को शक्ति देती है लंबी बीमारियों के पश्चात होने वाली कमजोरी तथा शरीर की गर्मी को बढ़ाती है।

सेवन विधि एक एक गोली सुबह शाम दूध के साथ ले। रोग की तीब्र दशा में दवा उल मिस्क मोतदिल 5 ग्राम के साथ  खाएं।

खमीरा आवरेशम हकीम अरशद वाला- दिल तथा दिमाग को ताकत देता है स्नायु की बढ़ी हुई संवेदनशीलता को ठीक करता है दिल की धड़कन घबराहट और बेचैनी में भी लाभकारी है खून की पैदाइश में सहायक है तथा बीमारी के बाद की कमजोरी में भी उपयोगी है।

सेवन विधि- 3 से 5 ग्राम तक सुबह निहार मुंह ले।

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खमीरा जमरूद खास- दिल, दिमाग व आंखों की रोशनी को शक्ति प्रदान करता है सिर दर्द पुराना नजला दिल की धड़कन और अधिक प्यास में लाभदायक है दिल को ताजगी देकर नींद भी लाता है।

सेवन विधि- 3 से 5 ग्राम तक ताजे पानी से प्रयोग करें।

खमीरा सदल सादा- दिल की धड़कन के लिए अत्यंत लाभकारी है।

सेवन विधि- 5 ग्राम यह   खमीरा सुबह व  शाम लें।

खमीरा मरवारीद-दिल की धड़कन, घबराहट और कमजोरी को दूर करता है मोतीझरा, खसरा और चेचक जैसे कमजोरी पैदा करने वाले रोगों के कारण शारीरिक गर्मी को कम होने से रोकता है और लिखित बीमारियों के बाद पैदा होने वाली कमजोरी में भी लाभप्रद है।

सेवन विधि- 5 ग्राम ताजे पानी से सुबह शाम प्रयोग करें।

खमीरा मरवारीद-ब- नुस्खा कला खमीरा मरवारीद से अधिक लाभप्रद है घबराहट दिल की धड़कन और उलझन को दूर करता है बीमारियों के बाद की कमजोरी और साधारण शारीरिक कमजोरी को बहुत जल्द दूर करता है।

सेवन विधि- 5 ग्राम सुबह शाम पानी से लें।

दवा उल मिस्क वारिद जवाहर वाली- गर्म स्वभाव वाले व्यक्तियों में ह्रदय को  शक्ति देने के  अतिरिक्त दिल की धड़कन और घबराहट को दूर करता है खून पैदा करता है दिमाग व जिगर के लिए लाभप्रद है।

सेवन विधि-सुबह निहार मुंह 5 ग्राम अर्क गावजबान 125 मिली के साथ ले।

दवा उल मिस्क बारिद सादा- घबराहट तथा अस्थिरता की स्थिति में इसका उपयोग लाभकारी है।

सेवन विधि- 5 ग्राम सुबह शाम खाएं।

दवा उल मिस्क मोतदिल जवाहर वाली- दिल की धड़कन व घबराहट को दूर करती है दिल और दिमाग को शक्ति प्रदान करती है खून के दौरे को तेज करती है तथा शुद्ध खून का निर्माण करती है।

सेवन विधि- 3 से 6 ग्राम सुबह शाम थोड़े गर्म पानी के साथ खाएंगे।

दवा उल मिस्क मोतदिल सादा- दिल की धड़कन और बेहोशी की स्थिति में लाभकारी है बीमारियों के बाद की कमजोरी और साधारण कमजोरी में भी लाभकारी है।

सेवन विधि- 5 ग्राम ताजे पानी या अर्क गावजबान 125 मिली के साथ ले।

शर्बत आबरेशम सादा- दिल व दिमाग को शक्ति प्रदान करता है दिल की धड़कन व घबराहट को दूर करता है।

सेवन विधि- सुबह 20 मिली से 40 मिली तक थोड़े पानी में मिलाकर पिएं।

शर्बत सेब शीरी- दिल को ताजगी प्रदान करता है और शरीर में स्फूर्ति पैदा करता है।

सेवन विधि- 20 मिली से 50 मिली तक ताजे पानी से सुबह शाम लें।

*चिकित्सक के परामर्श के बिना उपरोक्त औषधियों का सेवन ना करें।

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