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जी हां जरूरत से ज्यादा हर बात  और हर शख्स पर  किसी कारण के बगैर लगातार शक करना एक मानसिक समस्या बन गई है इस समस्या का समाधान क्या है अक्सर शक  की बीमारी किशोरावस्था के बाद से ही शुरु हो गई शुरुआत में रोगी को एक या दो लोगों पर ही शक होता है लेकिन थोड़े ही समय यानी १- 2 महीने में रोगी हर बात पर और हर किसी पर शक करने लगता है परिजनों द्वारा शक  के विपरीत सच्चाई से रूबरू कराने के सभी प्रयास निरर्थक साबित होते हैं आज का इलाज इतना महंगा हो गया है कि इसके अभाव में रोगी अपना इलाज नहीं करा पाता सामाजिक और व्यवस्थित जीवन गंभीर रूप से अस्त्र  व्यस्त हो जाते हैं|

बात इलाज की करें तो-

मस्तिष्क में रासायनिक कमी के चलते इस रोग के Better treatment में दवाइयों का प्रमुख स्थान रहा है अब  ऐसी दवाइयां उपलब्ध हो चुकी हैं जिनके सेवन से रोगी को साइड इफेक्ट और आफ्टर इफेक्ट नहीं होते और दवाई अपना पूरा असर करती है।

दवाइयों के सेवन से 2 से 3 हफ्ते में ही रोगी  का शक  दूर हो जाता है और उसके व्यवहार में सुधार होने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है

शक के चलते अक्सर रोगी स्वयं को बीमार नहीं मानते ऐसे में इस बीमारी के इलाज के लिए परिजनों को ही पहल करनी पड़ती है

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यह हैं लक्षण-

देखा गया है कि हर समय रोगी को शक होता है कि परिजन और सहयोगी साथी रोगी के खिलाफ है और वह कोई साजिश रच रहे हैं परंतु ऐसा नहीं है|

रोगी को हर वक्त महसूस होता है कि सभी उसके बारे में बातें करते हैं या उसे घूर रहे हैं देख रहे  हैं|

रोगी को ऐसा भी लगता है कि जैसे कुछ लोग उसके ऊपर जादू टोना करवा रहे हैं या फिर उसके खाने में ज़हर मिलाया जा रहा है|

रोगी अपने पति या पत्नी के चरित्र व  चाल चलन पर बेबुनियाद ही शक करता है|

शक के  चलते रोगी अपनो  से ही कटा कटा रहता है और अक्सर अपने बचाव मे  दूसरों के प्रति आक्रामक  हो जाता है या बार-बार पुलिस को भी बुला लेता है|

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कारणों को समझें-

मानसिक बीमारी पैरानोइया स्कीजोफ्रीनिया से ग्रस्त रोगियों में शक के लक्षण सर्वाधिक देखने को मिलते हैं

पैरानॉयड पर्सनालिटी डिसऑर्डर रोग से ग्रस्त रोगी स्वभाव में ही शक्की  होते हैं वह हमेशा हर बात के पीछे कोई ना कोई रहस्य या साजिश तलाशते हैं|

शराब ,गांजा, भांग व कोकीन का नशा करने से भी शक पैदा हो जाता है

इन सभी रोगियों के मस्तिक में डोपामाइन नामक न्यूरो  केमिकल की कमी के चलते यह शक पैदा होता है|

*चिकित्सक के परामर्श के बिना उपरोक्त औषधियों का सेवन ना करें।

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